राबर्ट्सगंज, सोनभद्र। विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का आज स्थापना दिवस एवं राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस को जनपद सोनभद्र के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों में बड़े धूमधाम के साथ मनाया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने स्थापना काल से लगातार विद्यार्थी वर्ग के अंदर ज्ञान शील एकता के भाव को भरकर छात्र शक्ति को राष्ट्र के एक बड़े शक्ति के रूप में स्थापित करने का कार्य कर रहा है। समाज निर्माण में विद्यार्थी की भूमिका हमेशा से अग्रणी रही है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से निकलकर भारतीय राजनीतिक पटल पर अमित छाप छोड़ने वाले बड़े-बड़े राजनेताओं का नाम शामिल है।
आज दिनांक 9 जुलाई को जनपद सोनभद्र के राबर्ट्सगंज स्थिति शिवा जी स्टेडियम में नगर मंत्री मृगांक के नेतृत्व में राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप उपस्थिय कमलेश चौबे ने बताया कि आज के परिवेश में विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण हैं। विद्यार्थी देश के भविष्य हैं और उनके कंधों पर सामाजिक, राजनैतिक दायित्व के साथ-साथ अपने सनातनी सभ्यता को भी संरक्षित करने का दायित्व है। आगे बताते हुए कहा कि एक विद्यार्थी के रूप में मनुष्य का देश के प्रति पहला कर्तव्य यह होता है कि वह अपनी शिक्षा उचित रूप से पूर्ण करें, दूसरा सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य यह हैं कि वह देश के शक्तिबोध एवं सौंदर्यबोध को बढ़ाएं। एक विद्यार्थी को अपने व्यवहार में सज्जनता रखनी चाहिए तथा देश के लिए अपने कर्तव्य को भलिभांति समझाना चाहिए।
इस मौके पर उपस्थित रजनीश तिवारी ने बताया कि एबीवीपी के घोषणापत्र में शैक्षिक और विश्वविद्यालय सुधार जैसे एजेंडा शामिल हैं। यह कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनावों में प्रतिस्पर्धा करता है। इस अवसर पर काशी प्रान्त से प्रवास पर आए कार्तिकेयपति त्रिपाठी ने बताया कि यह संगठन छात्रों से प्रारंभ होता है, छात्रों की समस्याओं के निवारण हेतु एक छात्र शक्ति का परिचायक है। अखिल विद्यार्थी परिषद् के अनुसार छात्रशक्ति ही राष्ट्रशक्ति होती है और इसका मूल उद्देश्य राष्ट्रीय पुनर्निर्माण हैं।
विभाग संयोजक शशांक मिश्रा ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् शिक्षा के व्यवसायीकरण के खिलाफ बार-बार आवाज उठाती रही है। इसके अतिरिक्त अलगाववाद, अल्पसंख्यक तुष्टीकरण, आतंकवाद और भ्रष्टाचार जैसी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ हम लगातार संघर्षरत रहे हैं। बिहार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नाम सबसे ज्यादा रक्तदान करने का रिकॉर्ड है। जिला संयोजक सौरभ चतुर्वेदी ने बताया कि आजादी के बाद एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण और अपनी संस्कृति को बचाए और बनाए रखने के लिए पूरे देश ने एक विकसित और मॉर्डन देश का सपना देखा। जिसको पुरा करने का दायित्व अखिल विद्यार्थी परिषद् के छात्रों के कंधों पर हैं। इस मौके नगर अध्यक्ष गणेश पांडेय, आशुतोष, अभिषेक, राहुल, गोलू, सचिन, वीरेंद्र, विकास, सत्यम आदि उपस्थित रहे।