भारतीय नौसेना की पहली पहल, भारतीय महासागर जहाज सागर (IOS Sagar) ने दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि में अपने बंदरगाह और समुद्री प्रशिक्षण चरण को सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके बाद यह जहाज अपने चालक दल के साथ कर्नाटक के लिए रवाना हो गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य भारत की समुद्री सीमाओं के साथ साथ मित्र देशों कि समुद्री सीमाओं को प्रगाढ़ करना। यह अभियान भारतीय नौसेना कि ताकत को एक दिखाता हैं।
इस प्रशिक्षण में 09 मित्र देशों के 44 अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षुओं ने भाग लिया, जिन्होंने विशेष रूप से तैयार किए गए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में भाग लिया। यह प्रशिक्षण बुनियादी समुद्री गतिविधियों से लेकर अत्याधुनिक सिमुलेटर प्रशिक्षण तक था। 'एक महासागर, एक मिशन' के सिद्धांत को दर्शाते हुए, अंतरराष्ट्रीय दल को संवाद कौशल, अग्निशमन और क्षति नियंत्रण अभ्यास, विजिट बोर्ड सर्च एंड सीज (VBSS) प्रक्रियाएं, और ब्रिजमैनशिप के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षित किया गया। सिमुलेटर आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण से उन्हें समुद्री क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया गया।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय दल को भारतीय नौसेना के INS सुनयना जहाज पर समुद्री प्रशिक्षण भी दिया गया, जिसमें भारतीय नौसेना के कार्य समूह ने उन्हें भारतीय नौसेना की प्रणालियों और प्रक्रियाओं से परिचित कराया। यह प्रशिक्षण उन्हें आगामी तैनाती के दौरान एकजुट और समन्वित रूप से काम करने में सक्षम बनाने के लिए था।
IOS सागर एक अद्वितीय उदाहरण है, जो समुद्री समझ को गहरा करने और क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देने का काम कर रहा है। भारतीय नौसेना का क्षेत्रीय नौसेनाओं के साथ सहयोग भारतीय महासागर क्षेत्र (IOR) में सामूहिक समुद्री हितों की रक्षा और भागीदार देशों के साथ क्षमता निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को पुष्ट करता है।